रात में जब कत्ल हो गए
न जने कितने कितने प्रश्न खड़े हो गए
दिमाग में कितनी विभत्सना भरी है
पहले तो इनके संबंधों को अनैतिक बताया
जब इससे पार न पड़ी तोपिता को नरभक्षी जताया
मां को भी शक के घेरे में ले आओ
मां-पिता के किस-किससे संबंध हैं कहानियां बनाओ
कातिल अब गौण गया हो गया है
क्या सनसनी बने ये मामला चल गया है
पुलिस से अधिक मामला मीडिया सुलझा रहा है
जांच को टी.आर.पी.से के अनुसार घुमा रहा है
मीडिया को जांच से कातील से न्याय से क्या वास्ता
सनसनी हो मसाले का खुले रास्ता
बेचारी आरूशी खेलने की उम्र में काल का ग्रास बनी
मीडिया की पौ बारह निल गई सनसनी.....
Thursday, July 24, 2008
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