Monday, July 28, 2008

एक और चित्र

कई चित्र ऐसे देखे जिनको किसी न देखा हो
कई मित्र ऐसे देखे जिनकी मित्रता में धोखा हो
पर मित्र तो वो होता है जिसने मित्र को रोते न देखा हो
मित्र के हर आंसू को अपने नैनों में सोखा हो
ऐसा मित्र मुझे देना जो दुनिया में अनोखा हो
आंख में उसके आंसू हो जब कोई भी दुनिया में रोता हो
सहृदय मित्र हमारा ठंडी हवा का झोका हो
बस वो तरे तेरे तेरे जैसा हो बस तेरे जैसा हो..

No comments: